युवक नहीं वह जिसको अपने गौरव का अभिमान नहीं,
देश धर्मं पर मर मिटने का शेष रहा अरमान नहीं,
पग पग पर ठोकर खाकर भी आता जिसे उफान नहीं,
वह धरती का भर सालता जिसे राष्ट्र अभिमान नहीं!
"ईश्वर का दिया कभी अल्प नहीं होता,
जो टूट जाये वो संकल्प नहीं होता,
हार को लक्ष्य से दूर ही रखना,
क्यूंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता."
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